अनिवासी विदेशी खाताएँ, विदेश से विप्रेषण अथवा वर्तमान अनिवासी (विदेशी) खाते से निधि अंतरण द्वारा औंर अथवा विदेशी मुद्रा (अनिवासी) खाताओं से परिपक्वता के उपरांत खोला जा सकता है ।
2.
अनिवासी विदेशी खाताएँ, विदेश से विप्रेषण अथवा वर्तमान अनिवासी (विदेशी) खाते से निधि अंतरण द्वारा औंर अथवा विदेशी मुद्रा (अनिवासी) खाताओं से परिपक्वता के उपरांत खोला जा सकता है ।
3.
पुन: जीएएआर अनिवासी विदेशी संस्थागत निवेशकों पर लागू नहीं होंगे और उन निवेशकों पर भी लागू नहीं होंगे जो दुहरे कराधान के निवारण की किसी भी संधि के तहत कोई लाभ ही नहीं ले रहे हों।
4.
पुन: गार के उपबंध अनिवासी विदेशी संस्थागत निवेशकों पर लागू नहीं होंगे और उन निवेशकों पर भी लागू नहीं होंगे जो दोहरे काराधान के निवारण की किसी भी संधि के तहत कोई लाभ ही नहीं ले रहे हों।